सुर्य मंगल का अंगारक योग.

यहाँ पे आज हम कुंडली के ग्रहो के 2 अच्छे ग्रहो की बात करने वाले है जो की अगर अच्छे ओर उच्च के हो तो हमें बहुत आगे तक ले जाते है।
माना जाता है की अगर सुर्य उच्च का होबया अपनी ही राशि मे स्वाराशि हो तो हमें गावेर्मेंट जॉब मिलती है और हमेसा हम लीडर की तरह जीते है।
यहाँ पे मंगल है जिससे इंसान किसीसे भी डरता नहीं और बड़ी बहादुरी से अपना काम करता है जो की उसके लिए बड़ा ही अच्छा प्रतीत होता है। बहुत आगे तक पढ़ाई, मकान, जमीन इससे देखते है।
पर अभी बात आती है की सुर्य और चंद्रp दोनों गृह एक साथ हो तो क्या होता है।
तो हम सब जानते है की वाह अंगारक युति बनता है जिसकी वजह से हमें कई तरह की परेशानी भी भोगनी पडती है। यहाँ पे हम देखे तो इसकी वजह से आदमी बहुत अंग्रेसिव हो जाता है, दुसरा ता पे देखे तो ये भाग्य के भाव मे हो तो इंसान को बहुत ऊपर तक ले जाने के बाद निचे पटकता है यानी पड़ भर्स्ट करवाता है जो की बहुत ख़राब कहलाया जाता है। इंसान का गुस्सा बहुत बढ़ जाता है, दूसरी िर देखे तो उसको उसके काम का फल नहीं मिल पाता, पैसे नहीं आ पाते, पैसे मैब्रुकावेट, घर या जमीन लेने मे रुकाबते और कई संसारिक परेशाणीया भी भोगनी पडती है।
यहाँ पे हमें इन की परेशानी से निकलने के लिए, सुर्य और मंगल के जाप करवाने अनिवार्य है उसके बाद ओम करवाना चाहिए।
यहाँ पे दूसरी और देखे तो जातक खुद से सुर्य नारायान को जल चढ़ाये और उसमे हल्दी और गुड़ डाले जिससे सुर्य और मंगल का लाभ मिले। दुसरा सुर्य मंगल का जाप करें। उसका यँत्र बनवा के सिद्ध करके पूजा कर सकते हो।
अगर इसके बारेमे कोई परेशानी हो तो आप हमें कॉन्टेक्ट कर सकते है और पूछ सकते हो।
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